पैलो मेनु खोल्या
मानव बिकास सुचाकांक सन् २०१३ मी
  भउतै उच्च
  न्यून
  उच्च
  तथ्यांक उपलब्ध आथिन
  मध्यम

मानव विकास सूचकांक (HDI) मान्सो जीवन अपेक्षा, शिक्षा रे आय सूचकांक लाई प्रयोग अरीबर निकालियाऽ समग्र तथ्यांक ले कसै लै देशो मानव विकास निकाल्ल्या अरीन्छ। मानव विकास सूचकांक लाई सन् १९९० मी पाकिस्तानी अर्थशास्त्री महबुब उल हक रे भारतीय अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन बठाइ सिर्जना अरियाऽथ्यो[१] रे संयुक्त राष्ट्रसङ्घीय विकास कार्यक्रम मी प्रकाशित होइरैथ्यो।[२]

सन् २०१० मी मानव विकास प्रतिवेदन मी असमान-समायोजित मानव विकास सूचकांक (IHDI) लाई शुरू अरियो। सरल मानव विकास सूचकांक लै उपयोगी छ, तर IHDI का उपयोग ले मानव विकासो वास्तविक तह रे क्षमता "मानव विकास सूचकांक" निकाल्ल सकिन्छ।

मानव विकास सूचकांक निरपेक्ष नहोइबर सापेक्ष हुन्छ। येइ सूचकांको गणना अरन्ज्याँ मुख्य तीन सूचकअन औसत आयु, साक्षरता रे प्रति व्यक्ति आय लाई समावेश अरीन्छ। स्वास्थ्या बारेमी सप्पै सूचनाअन समेट्टाइ असजी हुन्या हुनाले स्वास्थ्या सारांशा रूप मी प्रत्याशित आयु लाई समावेश अरीन्छ। शिक्षाऽ मापन खिलाइ औसत साक्षरता दर रे विद्यालय भर्ना दराऽ औसतलाई समावेश अरीन्छ। जीवनयापनो स्तर मापन अद्दाइ प्रति व्यक्ति कुल गार्हस्थ उत्पादन बठेइ उपलब्ध औसत क्रयशक्तिया आधार मी प्रति व्यक्ति आय गणना अरीबर समावेश अरीन्छ।

विषयसूची

स्वास्थ्यसम्पादन

ज्ञान रे सूचनासम्पादन

आर्थिक स्तरसम्पादन

सन्दर्भअनसम्पादन

  1. "The Human Development concept", UNDP, अन्तिम पहुँच ७ अप्रिल २०१२ 
  2. "United Nations Development Programme", Undp.org, २०१३-०५-२६, अन्तिम पहुँच २०१३-०५-३०